नाड़ी परीक्षा वाक्य
उच्चारण: [ naadei perikesaa ]
उदाहरण वाक्य
- ्षा में नाड़ी परीक्षा का उल्लेख स्पष्ट आर्ष है।
- क्षेत्र-यह याद रक्खें, कारणों से नाड़ी परीक्षा तद्वधि आविष्कृत
- अग्निवेश के नाम से नाड़ी परीक्षा तथा हस्तिशास्त्र भी प्रसिद्ध हैं।
- की पढ़ाई पर उपेक्षाकृत कम ध्यान दिया जाता है उतना नाड़ी परीक्षा के
- किसी भी जटिल रोग के कारण का पता लगाने के लिए प्रश्न परीक्षा, स्पर्श परीक्षा, नाड़ी परीक्षा, मल-मूत्र, गंध परीक्षा कराई जाती रही है।
- कहते है करस्यान्गुष्ठमूले या धमनी अर्थात हाथ के अंगूठे की जड़ में जीवन का साक्षात्कार करा देने वाली धमनी के स्पंदनों के द्वारा शरीर के रोगों के विषय में ली जाने वाली जानकारी ही नाड़ी परीक्षा है।
- प्रवीण वैद्य बिना नाड़ी परीक्षा तथा अन्य प्रकार के परीक्षणों के बिना रोग का निदान नहीं कर सकता परन्तु एक प्रवीण ज्योतिषी गणना द्वारा ही शारीरिक रोगों का विवरण तथा आंगिक विकृति के बारे में सम्यक् रूप से जानकारी दे सकता है।
- शरीर पर ङ्गटके लगानेवाला पोतराज, हाथ में दीया लेकर नमोनारायण कहनेवाला पिंगला, घर बांधनेवाला बेलदार, डोली उठाने वाला कहार, नाड़ी परीक्षा से जड़ी-बूटी देने वाला वैद्य, भाट, नदी-नालियों में से सोना ढूंढनेवाला सोनझरी, शमशान में काम करने वाला मसानजोगी और सांप पकड़कर खेल दिखाने वाले सपेरे आदि शामिल हैं.
- संस् कृत हस् तलिपियों की सूची में रावण द्वारा रचित निम् न पुस् तकें मानी जाती हैं-अंक प्रकाश (वेद), कुमारतंत्र, इंद्रजाल प्राकृत कामधेनु, प्राकृत लंकेश् वर, ऋग् वेद भाष् य, रावण भेंट, रावणीयम् (संगीत), नाड़ी परीक्षा, अर्कप्रकाश, उड् डीशतंत्र, कामचाण् डाली कल् प आदि।
- आयुर्वेद के अनुसार, यदि हम रोग का अनुभव कर रहे हैं, तो इसका अर्थ है कि हमारे दोषों में असंतुलन है | हमारी तंत्र को संतुलन में वापस लाने का सूत्र इलाज है | आयुर्वेद मे रोग के निदान के लिए एक प्रभावी शस्त्र नाड़ी परीक्षा, या नाड़ी निदान होता है | आपकी कलाई पर अपनी उंगलियों रख कर, एक आयुर्वेदिक चिकित्सक आसानी से शरीर में असंतुलन का पता लगा सकते हैं और एक प्रभावी उपचार लिख सकते हैं |
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